दो श्रम कानूनों को भारतीय मजदूर संघ का समर्थन, आपत्ति को सरकार ने किया दरकिनार

झारखंड
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रांची । भारतीय मजदूर संघ ने बदलाव के बाद दो श्रम कानूनों का समर्थन किया है। इसपर दर्ज की गई आपत्ति को केंद्र सरकार ने दरकिनार कर दिया है। उक्‍त बातें झारखंड प्रदेश के पदधारी, प्रभारी एवं मुख्य कार्यकर्ताओं की बैठक में उभरकर सामने आई। बैठक सीएमपीडीआई के मयूरी हॉल में 8 दिसंबर को हुई। इसकी अध्‍यक्षता संघ के झारखंड प्रदेश उपाध्यक्ष उदय कुमार ने की। इसमें अखिल भारतीय संगठन मंत्री बी  सुरेंद्रन, पूर्वी क्षेत्र के संगठन मंत्री एवं प्रभारी गणेश मिश्रा, केंद्रीय कार्यसमिति के सदस्य सुरेश प्रसाद सिन्हा, झारखंड के नवनियुक्त संगठन मंत्री बृजेश कुमार उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन प्रदेश के महामंत्री बिंदेश्वरी प्रसाद ने किया। संगठन को सुचारू रूप से चलाने सहित संगठित एवं असंगठित क्षेत्रों में संगठन के विस्तार पर चर्चा की गई।

श्री सुरेंद्रन ने बताया कि भारतीय मजदूर संघ संख्यात्मक दृष्टि से भारत में लगभग तीन  दशकों से सबसे बड़ी श्रमिक संगठन है। इसे और विस्तार देने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर नई संगठन संरचना तैयार की गई है, जो आने वाले समय में दिखाई देगा। विगत दिनों भारत सरकार ने पुराने श्रम कानून को चार नवीन कोड में समाहित कर सदन में पेश किया है।

कोड ऑन वेजेस 2019

इंडस्ट्रियल रिलेशंस कोड 2020

ऑक्यूपेशनल सेफ्टी हेल्थ एंड वर्किंग कंडीशन कोड 2020

सोशल सिक्यूरिटी कोड 2020

भारतीय मजदूर संघ द्वारा इंडस्ट्रियल रिलेशंस कोड और ऑक्यूपेशनल सेफ्टी हेल्थ एंड वर्किंग कंडीशन कोड पर आपत्तियां प्रस्तुत की गई है। इस कोड में श्रमिकों के हितों को नजरअंदाज किया गया है। हालांकि सरकार ने अधिकांश आपत्तियों को खारिज कर दिया, जिसका 28 अक्टूबर, 2020 को अखिल भारतीय स्तर पर विरोध दर्ज किया था।

संघ द्वारा कोड ऑन वेजेस 2019 एवं सोशल सिक्योरिटी कोड 2020 का स्वागत किया गया है। क्योंकि यह अंतिम व्यक्ति तक न्यूनतम वेतन को सुनिश्चित करता है। श्रमिकों के हितों की बात करता है। संघ को छोड़कर अन्य श्रम संगठन चारों कोड के संपूर्ण बिंदुओं का विरोध कर रहे हैं। उनका विरोध राजनीति से प्रेरित है।

भारतीय मजदूर संघ एक गैर राजनितिक संगठन है, जिसका उदेश्य राष्ट्र हित उद्योग हित एवं मजदूर हित है। सभी वक्ताओं ने अपने-अपने विचार रखे। कार्यकर्ताओं ने भी संगठन को आगे बढ़ाने के लिए अपने अपने सुझाव दिए। अध्यक्षीय भाषण और धन्यवाद के साथ कार्यक्रम समाप्‍त हुआ।